इटावा , मार्च 10 -- अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं। डॉ. धवले मंगलवार को इटावा के नगला ढकाऊ में अमर शहीदों की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के पुराने मित्र ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और वहां के सर्वोच्च नेता सहित सैकड़ों लोगों की हत्या पर भी भारत सरकार चुप है और इसकी निंदा तक नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि युद्ध तुरंत बंद होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां किसान-मजदूर विरोधी और कॉरपोरेटपरस्त हैं। सरकार श्रम कानूनों में बदलाव कर मजदूरों को मालिकों का गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि बिजली के निजीकरण से किसानों और आम जनता पर महंगी बिजली का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते से देश की खेती-किसानी कॉरपोरेट के हाथों में चली जाएगी।

डॉ. धवले ने आरोप लगाया कि बीज विधेयक के जरिए किसानों के पारंपरिक बीजों को खत्म कर उन्हें महंगे कॉरपोरेट बीज खरीदने के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने और रसोई गैस की कीमतों में हाल में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग भी की।

सभा में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता पी. कृष्ण प्रसाद ने कहा कि सरकार किसानों से किए गए एमएसपी की गारंटी, कृषि लागत कम करने, आय दोगुनी करने और कर्ज मुक्ति जैसे वादों से पीछे हट गई है।

किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य के कई जिलों की बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है और स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

कार्यक्रम में माकपा के जिलामंत्री नाथूराम यादव ने नगला ढकाऊ के शहीदों शंकर सिंह, बलबंत सिंह और भोपाल सिंह को याद करते हुए क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। सभा की अध्यक्षता जनकवि अनिल दीक्षित, शिवनारायण और श्याम सिंह शाक्य के अध्यक्ष मंडल ने की, जबकि संचालन किसान सभा के जिलाध्यक्ष रामबृजेश यादव ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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