जोधपुर , जनवरी 14 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मोदी सरकार के लिए सैनिक बोझ नहीं, बल्कि राष्ट्र की अनमोल पूंजी बताते हुए कहा है कि राष्ट्र केवल सीमाओं या संविधान से नहीं, बल्कि उस राष्ट्रीय चेतना से बनता है, जिसे एक सैनिक अपने हृदय में धारण करता है।

श्री शेखावत बुधवार को जोधपुर सब-एरिया द्वारा आयोजित पूर्व सैनिक दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने गौरव सेनानियों और वीर नारियों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार के लिए सैनिक बोझ नहीं, बल्कि राष्ट्र की अनमोल पूंजी हैं। उन्होंने जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान की वीरता का स्मरण करते हुए कहा कि यह धरती केवल रेतीले धोरों का विस्तार नहीं है, बल्कि यह राव चंद्रसेन और वीर दुर्गादास राठौड़ जैसे योद्धाओं की तपस्थली है। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह और गंगाराम चौधरी जैसे सपूतों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां के कण-कण में वीरता रची-बसी है।

श्री शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आए सामरिक बदलावों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज सीमा पर खड़ा जवान निर्णय लेने के लिए दिल्ली के आदेश का इंतजार नहीं करता। यह नया भारत है जो घर में घुसकर जवाब देना जानता है। भारत अब दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस एक्सपोर्टर्स की सूची में शामिल हो गया है। तेजस लड़ाकू विमान और आधुनिक मिसाइलें आज भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। उन्होंने ऑपरेशन मेघदूत के बलिदानियों को याद करते हुए कहा कि एक समय था, जब हमारे पास अनुकूल कपड़े और जूते तक नहीं थे, लेकिन आज भारत का सैनिक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गैजेट्स और बुलेटप्रूफ जैकेट से लैस है।

उन्होंने 'वन रैंक वन पेंशन' को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में जो मुद्दा दशकों तक अटका रहा, उसे मोदी सरकार ने प्राथमिकता से हल किया। अब तक 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यह केवल पैसा नहीं, बल्कि उन सैनिकों के स्वाभिमान का सम्मान है, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कर दी। शेखावत ने पूर्व सैनिकों को 'नेचुरल लीडर' बताते हुए उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और नशे की कुरीतियों के विरुद्ध पूर्व सैनिकों को अपनी अनुशासित छवि के साथ आगे आना चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में, पूर्व सैनिकों का युद्धकालीन अनुभव प्राकृतिक आपदाओं के समय समाज की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

श्री शेखावत ने आग्रह किया कि जल शक्ति और नरेगा जैसे अभियानों में सैनिक अपने संगठनात्मक कौशल का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को दें। शेखावत ने उपस्थित वीर माताओं और वीर नारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित है और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

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