श्रीगंगानगर , मई 12 -- केंद्र सरकार द्वारा नीट परीक्षा रद्द करने की घोषणा की तीखी आलोचना करते हुए राजस्थान कांग्रेस समिति सदस्य अंकुर मगलानी ने कहा है कि लाखों विद्यार्थी महीनों की मेहनत, रात-दिन की तैयारी और परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने उनके सपनों को चूर-चूर कर दिया।
श्री मगलानी ने सोमवार को यहां कहा कि यह केंद्र सरकार की गिरती साख और पूर्णतः विफल शिक्षा नीति का जीता-जागता प्रमाण है। जब देश के युवा डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे, तब सत्ता के गलियारों में बैठे लोग पेपर लीक का धंधा चला रहे थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की घोषणा करना सरकार की मजबूरी है, लेकिन मोदी सरकार में सब जानते हैं कि सीबीआई को भी अपने तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि पेपर लीक की साजिश किसके इशारे पर हुई और कौन-कौन से बड़े लोग इसमें शामिल हैं। बिना इनके नाम उजागर किये सिर्फ जांच का नाम लेकर युवाओं को फिर से धोखा नहीं दिया जा सकता।
कांग्रेस नेता ने कहा कि श्रीगंगानगर सहित पूरे देश के लाखों अभ्यर्थी बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार की चक्की में पिस रहे हैं। नीट जैसी एकमात्र परीक्षा भी अगर लीक हो जाती है, तो युवा कहां जायें। उनका भविष्य किसके हाथों बिक रहा है। मोदी सरकार की 'पेपर लीक संस्कृति' अब खुलेआम चल रही है। पूरे देश में यह महामारी फैल चुकी है।
उन्होंने मांग की हैं कि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो, पेपर लीक के मुख्य आरोपी को जेल भेजा जाये और प्रभावित सभी छात्रों को मुफ्त में दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाये।
उल्लेखनीय है कि गत तीन मई को पूरे देश में आयोजित हुई इस परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक हो गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित