नई दिल्ली , सितंबर 25 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से शुक्रवार को बातचीत की और यात्रा के दौरान जनसेवा, युवाओं की भागीदारी और ज़मीनी स्तर पर लोगों को सेवा भाव से जोड़ने के उनके प्रयासों की तारीफ़ की।

इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा, "वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से बातचीत करके खुशी हुई।" उत्तर प्रदेश के वाराणसी को गुजरात के वडनगर से जोड़ने वाली दो-तरफ़ा सेवा यात्राएँ बड़े सेवा संकल्प अभियान का एक अहम हिस्सा हैं, जिसे 17 सितंबर को मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरू किया गया था।

महीने भर चलने वाले इस कैंपेन का मकसद रास्ते में पड़ने वाले कस्बों, जिलों, तालुकाओं और गांवों में कम्युनिटी सर्विस और पब्लिक एंगेजमेंट एक्टिविटीज़ को ले जाना है जो 7 अक्टूबर तक चलेगा।

प्रधानमंत्री ने अपनी जन्मस्थली (गुजरात में बडनगर) और संसदीय जीवन की कर्मस्थली (वाराणसी) -इन दोनों जगहों को अपने लिए निजी तौर पर महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह यात्रा वडनगर में सीखे गये जीवन मूल्यों और काशी में मिले सार्वजनिक सेवा के अनुभवों के बीच एक कड़ी का प्रतीक है ।उन्होंने कहा, "वडनगर ने मुझे वे जीवन मूल्य दिये जिन्होंने मेरी ज़िंदगी को बनाया, जबकि काशी ने उन मूल्यों में सेवा के अनगिनत पहलू जोड़े हैं।"प्रधानमंत्री ने कहा कि ये यात्राएं सिर्फ़ मोटरसाइकिल यात्रा नहीं, उससे कहीं ज़्यादा महत्व की हैं, जिसमें युवा हिस्सा लेने वाले दोनों दिशाओं में स्थानीय समुदायों से सीधे जुड़ेंगे, वहां रहने वालों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थिियों से मिलेंगे और सेवा से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इनमें सफ़ाई अभियान के साथ-साथ स्कूल, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और दूसरी सामादायिक संस्थाओं में प्रोग्राम शामिल हैं।

इस पहल का मकसद सेवा, पब्लिक कॉन्टैक्ट, युवाओं की भागीदारी, सोशल वेलफेयर, कल्चरल एंगेजमेंट और कम्युनिटी मोबिलाइज़ेशन जैसे थीम को एक साथ लाना है। श्री मोदी ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि युवा सहभागी इस यात्रा में सेवा के अलग-अलग तरीके ला रहे हैं और उन्होंने इसकी भावना को "देशभक्ति, सेवा, मूल्यों और संकल्प" के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा एक विकसित भारत बनाने में योगदान देने के पक्के इरादे को दिखाती है, जिसमें युवा लोग ज़मीनी स्तर पर समुदायों के साथ जन सेवा को जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

इस बातचीत से सेवा यात्रियों को सड़क के अपने अनुभव शेयर करने का भी मौका मिला। प्रतिभागी कई राज्यों, जिलों और गांवों से गुज़रे, अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों से बातचीत की और स्थानीय विकास और सामुदायिक पहलों को देखा। यात्रा के दौरान, वे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय निवासियों से भी मिले ताकि उनके अनुभवों और ज़मीनी स्तर पर हो रहे बदलावों को समझ सकें।

सेवा यात्रा 17 सितंबर को दोनों दिशाओं में एक साथ शुरू हुई। एक टोली वडनगर से वाराणसी की ओर निकला, जबकि दूसरी ने वाराणसी से वडनगर की ओर अपनी यात्रा शुरू की। यह यात्रा श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर महीने भर चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था।

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