नयी दिल्ली , अक्टूबर 12 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री मोदी ने देश सेवा के लिए उनके त्याग और समर्पण को याद किया और उनके आदर्शों को देश के विकास के लक्ष्यों के लिए प्रेरणा का निरंतर स्रोत बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में श्री मोदी ने कहा, "राजमाता विजयाराजे सिंधिया को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र सेवा के प्रति उनका त्याग और समर्पण सभी के लिए प्रेरणा है। उनके आदर्श और विचार 'विकसित भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा देंगे।"प्रधानमंत्री ने कहा श्रीमती विजयाराजे सिंधिया, जिन्हें 'राजमाता' के नाम से जाना जाता है, भारतीय जनसंघ के विकास और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के उदय से जुड़ी प्रमुख हस्तियों में से एक थीं। उन्होंने पार्टी के संगठन को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई और इसके वैचारिक व संगठनात्मक आधार को विकसित करने में एक प्रभावशाली हस्ती बनी रहीं।

उनका जन्म ग्वालियर के पूर्व शाही परिवार में हुआ था और वह शाही जीवन से निकलकर जनसेवा के क्षेत्र में आईं और एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती बनीं, खासकर मध्य प्रदेश में। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रवादी राजनीति से गहराई से जुड़ा था और वह उन नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने जनसंघ को मज़बूत बनाने में मदद की, जिसे बाद में भाजपा ने आगे बढ़ाया।

भाजपा में राजमाता विजया राजे सिंधिया को कई दशकों तक उनके संगठनात्मक योगदान, वैचारिक प्रतिबद्धता एवं सार्वजनिक जीवन में लगातार सक्रियता के लिए याद किया जाता है। पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी को स्थापित एवं विस्तारित करने वाले नेताओं को याद करते समय उनकी राजनीतिक विरासत को आज भी प्रमुखता से याद किया जाता है।

श्री मोदी की श्रद्धांजलि ने उनकी विरासत को सरकार के विकसित भारत के दृष्टिकोण से जोड़ा। इसमें देश के विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बलिदान, समर्पण और राष्ट्रसेवा की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया गया।

इस संदेश से भाजपा के उस दृष्टिकोण का भी पता चलता है जिसमें वह अपनी पार्टी को बनाने वाली पीढ़ी के नेताओं को याद करने और उनके योगदान को अपनी व्यापक राजनीतिक एवं वैचारिक सोच का हिस्सा बनाने पर बल देती है।

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