नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को आयुष मार्क का यहां शुभारंभ किया। यह कदम भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों-आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी-को वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता, सुरक्षा और भरोसे का नया मानक देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
आयुष मार्क का उद्देश्य आयुष उत्पादों और सेवाओं के लिए एक ऐसा प्रमाणन ढांचा तैयार करना है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुरूप हो। इससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा को विज्ञान-आधारित, भरोसेमंद और विश्वसनीय स्वास्थ्य समाधान के रूप में वैश्विक पहचान मिलेगी।
इस पहल के तहत दो स्तर के प्रमाणन तय किए गए हैं। पहला आयुष स्टैंडर्ड मार्क, जो देश के भीतर गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, और दूसरा आयुष प्रीमियम मार्क, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बनाया गया है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता का भरोसा मिलेगा और भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे।
उद्योग जगत ने आयुष मार्क को एक बड़ा सुधार बताया है। आयुष प्रीमियम प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली कंपनी एडवेन बायोटेक के सीईओ आदेश शर्मा ने कहा कि यह भारतीय पारंपरिक चिकित्सा के लिए एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने कहा कि आयुष मार्क से वैश्विक नियामकों, डॉक्टरों और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा और भारतीय होम्योपैथी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित