कोलकाता , फरवरी 23 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की जनता को लिखे एक खुले पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य अराजकता के अंधेरे में डूब रहा है। उन्होंने इसके साथ ही जनता से राज्य के लिए एक निर्णायक विकास यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया है।
बंगाली और हिंदी दोनों भाषाओं में जारी इस पत्र में मतदाताओं से प्रधानमंत्री की अपील के साथ साथ पश्चिम बंगाल के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विकास के दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत किया गया है।
श्री मोदी ने लिखा, "बस कुछ ही महीने और...फिर पश्चिम बंगाल के भाग्य का फैसला हो जाएगा।" उन्होंने मतदाताओं से एक 'सुविचारित निर्णय' लेने का आग्रह किया जो अगली पीढ़ी का रास्ता तय करेगा। अपने पत्र में उन्होंने याद दिलाया कि आजादी के बाद के काल में पश्चिम बंगाल देश में आर्थिक क्षेत्र में अग्रणी और औद्योगीकरण का अग्रदूत था। हालांकि, अब बंगाल की 'जर्जर स्थिति' को देखकर दुख होता है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुप्रबंधन और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण पिछले छह दशकों में हुई अपूरणीय क्षति को शब्दों में बयां नही किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि एक तरफ रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य की 'माताएं और बहनें' सुरक्षा चिंताओं के कारण डर के साये में जी रही हैं।
स्वामी विवेकानंद और श्री अरबिंदो द्वारा परिकल्पित बंगाल का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि संकीर्ण वोट बैंक की राजनीति, हिंसा और अराजकता के कारण राज्य की वर्तमान स्थिति पीड़ादायक है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की 'पावन भूमि' अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से कलंकित हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कवि रवींद्रनाथ टैगोर के 'सोनार बांग्ला' पर फर्जी मतदाताओं का दबदबा है और पूरा देश राज्य के 'अराजकता के अंधेरे में डूबने' को लेकर चिंतित है।
श्री मोदी ने केंद्रीय योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार के 'पूर्ण असहयोग और शत्रुता' के बावजूद, पश्चिम बंगाल में करोड़ों लोगों को जन धन योजना के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं के दायरे में लाया गया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत राज्य में 85 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब राज्य में सत्तारूढ़ दल 'गरीबों की खाद्य आपूर्ति छीन रहा था', तब केंद्र ने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करके मदद की।
श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 56 लाख वरिष्ठ नागरिकों को अटल पेंशन योजना के तहत बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जबकि एक करोड़ से अधिक परिवारों को उज्ज्वला योजना के माध्यम से रसोई गैस कनेक्शन मिले, जिससे महिलाओं को धुएं के स्वास्थ्य खतरों से बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि कृषक सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 52 लाख से अधिक किसानों को सीधी वित्तीय सहायता मिली है, जिससे उनके 'चेहरों पर मुस्कान' आई है।
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