नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीअन्न को "सुपर फूड" बताते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए देश भर में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
श्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 130वीं कड़ी में कहा कि भारत ने साल 2023 को 'श्रीअन्न वर्ष' घोषित किया था, लेकिन आज इसे लेकर देश और दुनिया में जो प्रतिबद्धता है वह उत्साहजनक है।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले में महिला किसानों का एक समूह प्रेरणा स्रोत बन गया है। वहां के 'पेरियापालम मिलेट' किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) से लगभग 800 महिला किसान जुड़ी हैं। श्रीअन्न की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इन महिलाओं ने श्रीअन्न प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की। अब वे श्रीअन्न से बने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचा रही हैं।
एक अन्य उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने राजस्थान के रामसर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां के रामसर ऑर्गेनिक किसान उत्पादक कंपनी से 900 से अधिक किसान जुड़े हैं। ये किसान मुख्य रूप से बाजरे की खेती करते हैं। बाजरे का प्रसंस्करण कर वे लड्डू तैयार करते हैं जिसकी बाजार में बड़ी मांग है।
उन्होंने कहा कि आजकल कई मंदिर ऐसे हैं, जो अपने प्रसाद में सिर्फ श्रीअन्न का उपयोग करते हैं। अन्नदाताओं की कमाई बढ़ाने के साथ ही श्रीअन्न लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार की गारंटी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न पोषण से भरपूर 'सुपर फूड' होते हैं। हमारे देश में सर्दियों का मौसम तो खानपान के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। ऐसे में इन दिनों हमें श्रीअन्न का सेवन जरूर करना चाहिये।
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