ओरछा , अगस्त 31 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा और सुशासन की यात्रा को विकसित भारत के संकल्प के साथ जोड़ने का आह्वान किया है।
श्री शिव प्रकाश ने यहां मध्य प्रदेश की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से एक महीने यानी 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उनके 25 वर्षों की लोकसेवा यात्रा और देश में हुए परिवर्तन को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "15 अगस्त 1947 से पहले देश के सामने एक स्पष्ट लक्ष्य था कि भारत को स्वतंत्र करना है। देश के महापुरुषों ने अपना जीवन इसी लक्ष्य के लिए समर्पित किया। आज हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है और हमें इसी प्रकार बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।"उन्होंने कहा कि देश को छोटे सपने नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने चाहिए। श्री मोदी ने आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर भारत कैसा होगा, इसका स्पष्ट लक्ष्य देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री का विकसित भारत संकल्प अब केवल भाजपा या एक सरकार का संकल्प नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प बन गया है। हम सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर इसे लक्ष्य तक पहुंचाना है।"भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री ने बताया कि वर्ष 1974 के गुजरात छात्र आंदोलन से शुरू हुई श्री मोदी की सार्वजनिक जीवन यात्रा वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद नये दायित्वों के साथ आगे बढ़ी। गुजरात में भूकंप जैसी भीषण आपदा के समय उन्होंने प्रभावी नेतृत्व दिया। गुजरात का भुज और कच्छ हो भूकंप से पूरी तरह से बिखर गया था, आज वह शहर बड़े नगरों में शामिल हैं। उल्लेखनीय विकास कार्य वहां हुए हैं, यह सभी को समझना चाहिए। सरदार सरोवर बांध जैसी लंबे समय से लंबित परियोजना को पूरा करने का संकल्प लेकर उसे साकार किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन का भी संकल्प लिया है और इस दिशा में देश में उपचार एवं टीकाकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 के आसपास देश में निराशा का वातावरण था और ऐसे समय में श्री मोदी देश के लिए आशा बनकर आए। उन्होंने समाज के उन वर्गों को सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया, जिन्हें लंबे समय तक उपेक्षा का सामना करना पड़ा। थर्ड जेंडर को सामाजिक प्रतिष्ठा देना और दिव्यांगजनों को सम्मानजनक पहचान देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाना इसी संवेदनशील सोच का परिणाम है। आज भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और अनेक क्षेत्रों में विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं आज नये आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। धर्म और पर्यटन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। भारतीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को विकास से जोड़ते हुए देश के गौरव को नयी पहचान दी जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित