नयी दिल्ली , मई 15 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट, ईंधन की बढ़ती चुनौती और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों की बचत और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के आह्वान के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज विधायक दल की बैठक में पार्टी विधायकों से दिल्ली सरकार के निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट, ईंधन की बढ़ती चुनौती और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के संदेश को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएं और लोगों को ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कारपूलिंग तथा जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विधायक स्वयं भी उदाहरण प्रस्तुत करें। 'मेट्रो मंडे' पहल के तहत विधायक सप्ताह में एक दिन मेट्रो से यात्रा करें ताकि आम नागरिक भी प्रेरित हों। उन्होंने विधायकों से अपने काफिलों को सीमित करने, वाहनों का कम उपयोग करने तथा ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाओं, मार्केट एसोसिएशन, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों के बीच जाकर दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए 'मेरा भारत, मेरा योगदान' अभियान की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह 90 दिवसीय जनजागरूकता अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सामूहिक भागीदारी का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था लागू की जा रही है। निजी संस्थानों और कंपनियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की सलाह दी गई है।
श्रीमती गुप्ता ने विधायकों से कहा कि वर्तमान समय केवल सरकारी प्रयासों का नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने का है। यदि प्रत्येक नागरिक छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए, तो देश ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकता है। दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता की भावना विकसित करना है।
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