लखनऊ , सितंबर 12 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी वंश परंपरा या राजनीतिक विरासत के अपने तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा से अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने कहा कि उनकी 25 वर्ष की शासन प्रमुख के रूप में सेवा यात्रा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना साझा की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन को प्रदेश में 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। योगी ने कहा कि इस दिन ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की जाएगी। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर समेत विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित होंगे।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकलेंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी पहुंचेंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल बड़नगर ले जाया जाएगा। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होकर सात अक्टूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग में प्रतिदिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए 'सेवा सेतु' शिविर लगाए जाएंगे। 29 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा। योगी ने कहा कि सत्यापन के बाद दो-तीन दिन के भीतर संबंधित कार्ड या योजना का लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

प्रदेश के 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में यह अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे योजना से जोड़ दिया जाए। 'सेवा संकल्प अभियान' में विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, कक्षा नौ से 12 तक के लिए निबंध लेखन और विश्वविद्यालय-महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इनकी थीम 'आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश' होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्टूबर को प्रदेश स्तर के कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम भी चलेगा। इसके तहत मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इसमें भाग लेंगे। अभियान में 'एक पेड़ मां के नाम', रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती और दो अक्टूबर को गांधी जयंती को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा 'राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग' थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं और पंचायत एवं नगर निकाय प्रतिनिधियों के साथ 'सुशासन सेवा संवाद' भी आयोजित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियां गिनाते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए 100 रुपये में से केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के बाद अब सरकार द्वारा भेजी गई राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 'फ्रेजाइल फाइव' से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा है। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और जलमार्ग के क्षेत्र में काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं।

योगी ने कहा कि 2014 के बाद देश गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से देश में 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जिनमें छह करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। प्रदेश में करीब 16 करोड़ गरीब विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं।

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