हैदराबाद , मई 11 -- तेलंगाना के परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना की उनकी यात्रा से राज्य को कोई ठोस लाभ नहीं मिला।
श्री प्रभाकर ने गांधी भवन में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि तेलंगाना के लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री की यात्रा से राज्य के लिए विकास संबंधी आश्वासन मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्य के नेताओं ने श्री मोदी का सम्मानपूर्वक स्वागत किया और आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, लेकिन प्रधानमंत्री के भाषण ने जनता में विश्वास जगाने के बजाय डर और अनिश्चितता पैदा की।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सवाल किया कि कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच का आदेश देने में देरी क्यों हुई, जबकि अतीत में भाजपा नेताओं ने बार-बार इसकी मांग की थी। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे केंद्र द्वारा तेलंगाना को आवंटित धन पर सार्वजनिक बहस करें और इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि पिछले 12 वर्षों में इस नए बने राज्य को क्या विशेष सहायता दी गयी है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि तेलंगाना को अवसंचना विकास और वित्त पोषण से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार से भेदभावपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य से भाजपा सांसदों ने क्षेत्रीय रिंग रोड, मेट्रो रेल विस्तार और रेडियल सड़कों जैसी परियोजनाओं के लिए निधि की मांग की थी। जाति जनगणना के मुद्दे पर श्री प्रभाकर ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विजन के अनुरूप जाति सर्वेक्षण कराया है और मांग की कि पिछड़े वर्गों को भी राष्ट्रीय जनगणना में शामिल किया जाए।
केंद्रीय मंत्री बी. संजय कुमार के बेटे पर लगे आरोपों से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जोर देकर कहा कि जांच में किसी भी तरह का दबाव या प्रभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और चेतावनी दी कि पुलिस अधिकारियों की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित