पटना, अप्रैल 03 -- बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत और छह लोगों के अंधे होने पर दुख जताया और कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में शराबबंदी कानून की खामियों को उजागर करती हैं।
श्री यादव ने कहा कि इस घटना में मरने और आंखों की रोशनी खोने वालों के अलावा बहुत से लोगों की हालत गम्भीर है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं के लिए सरकार की संवेदनहीनता जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की विफलताओं और शराबबंदी कानून की गंभीर खामियों को उजागर किया है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसा पहली बार नही हुआ है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, काफी संख्या में लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।
श्री यादव ने कहा कि शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारीभारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं एवं भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का जरिया बन गया है।
राजद नेता ने कहा कि बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बन रही है, धड़ल्ले से पुलिस की मिलीभगत से बेची जा रही है और घर-घर होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है और इसकी कीमत बिहार के गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं।
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