मोतिहारी , मार्च 12 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के अनन्य विशेष न्यायालय रेप एंड पॉस्को के विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए एक नामजद अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

इस मामले में अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को पंद्रह दिनों की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार यह सजा मलाही थाना क्षेत्र के मिश्रा टोला तेजपुरवा निवासी नूर आलम के पुत्र बुलेट आलम को सुनाई गई है। न्यायालय ने पीड़िता को 'पीड़ित' घोषित करते हुए छह लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।

इस मामले में पीड़िता के लिखित आवेदन पर मलाही थाना कांड संख्या 11/2013 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में नामजद अभियुक्तों के अलावा दो नाबालिगों को भी आरोपित किया गया था। पीड़िता ने अपने आवेदन में कहा था कि एक मार्च 2013 की संध्या करीब 6.30 बजे वह अपने एक मित्र से मिलने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में तीनों युवकों ने उसे घेर लिया, मारपीट की और पास के सरसों के खेत में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

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