मैनपुरी , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित किए जा रहे "मिशन समाधान" अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बीते दो मिशन समाधान दिवसों में ग्रामसभा की सैकड़ों बीघा भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। गुरुवार को आयोजित अभियान में अधिकांश मामलों का निस्तारण दोनों पक्षों की मौजूदगी और आपसी सहमति से कराया गया। जनपद की सभी छह तहसीलों में पुलिस और राजस्व विभाग की 24 संयुक्त टीमों ने चिन्हित 261 प्रकरणों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, प्रभारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल तथा पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से विवादित स्थलों का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान कराया।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि "मिशन समाधान" का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का स्थानीय स्तर पर दोनों पक्षों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक निस्तारित प्रकरण में दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराए जाएं तथा स्पॉट मेमो में नाप संबंधी सहमति भी दर्ज की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्के निर्माण को विधिक प्रक्रिया के बिना न हटाया जाए तथा पट्टेदारों को कब्जा दिलाने के बाद दखलनामा तैयार करना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि यदि कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन हो तो उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाए। जिन मामलों में आपसी समझौता संभव न हो, उनमें विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामसभा की भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में नाप के तुरंत बाद मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायत द्वारा कार्य प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान ग्राम खरपरी में चकरोड विवाद, ग्राम समान में गाटा संख्या 1372 से जुड़े रास्ता एवं नाली विवाद, ग्राम सिरोलिया में ग्राम समाज भूमि गाटा संख्या 222 के मामले तथा ग्राम पैरारशाहपुर और फरेंजी में सार्वजनिक नाली विवाद का आपसी सहमति से समाधान कराया गया।
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