मैनपुरी , अगस्त 31 -- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बड़े पैमाने पर रोपे गए पौधों की त्रैमासिक डिजिटल डायरी तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पौधों की नियमित नराई-गुड़ाई और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिला पर्यावरण समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने ईशन, काली और अरिंद नदियों के किनारे बसे गांवों में प्राथमिकता के आधार पर गंगा समितियों का गठन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व से गठित समितियों की प्रत्येक माह बैठक आयोजित कराकर उसका कार्यवृत्त वन विभाग को उपलब्ध कराया जाए। संबंधित वेटलैंड क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर वेटलैंड समितियों का गठन भी सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान पौधों की जियो टैगिंग की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर रोपे गए शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग कर रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने एमआरएफ सेंटरों को नियमित रूप से क्रियाशील रखने तथा ठोस और मेडिकल कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण के निर्देश भी दिए।
नदी, तालाब, नालों और अन्य जलस्रोतों के किनारे कूड़ा फेंके जाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को खुले में अथवा जलस्रोतों के किनारे कूड़ा न डाले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी गुप्ता, एसडीएम कुरावली प्रदीप कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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