मैनपुरी , अगस्त 17 -- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को भूमि विवादों और अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोबारा अवैध कब्जा करने वालों को भू-माफिया के रूप में चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा। तहसील करहल में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जन-शिकायतें सुनते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में कब्जा हटवाया जा चुका है, वहां पुनः अवैध कब्जे की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने अधिक भूमि विवाद वाले गांवों में विशेष मिशन समाधान दिवस के अंतर्गत चौपाल आयोजित कर शिकायतों का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चौपालों में कम से कम 10 लेखपालों, राजस्व अधिकारियों तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। न्यायालय में विचाराधीन भूमि विवादों में किसी भी प्रकार का निर्णय मौके पर न लिया जाए और न्यायालय के आदेश तक यथास्थिति बनाए रखी जाए।

जिलाधिकारी ने सार्वजनिक भूमि, चकमार्गों और अन्य सरकारी संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने तथा जलभराव की समस्या के समाधान के लिए राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिशन संवेदना के अंतर्गत अविवादित फौती के लंबित मामलों को प्राथमिकता से दर्ज करने पर भी जोर देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने भी समाधान दिवस में पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई की और अधीनस्थ अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में चकरोड, अवैध कब्जा, विद्युत बिल, पट्टे की भूमि, मारपीट तथा तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन्हें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी करहल सुनिष्ठा सिंह, क्षेत्राधिकारी अजय पाल सिंह चौहान, तहसीलदार अरविंद गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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