अम्बिकापुर , मई 09 -- छत्तीसगढ़ में सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में दो नाबालिग बालिकाओं के साथ कथित दुष्कर्म मामले में मेडिकल जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की महत्वपूर्ण भिन्नता नहीं पाई गई है।
अधिकारियों ने आज बताया कि मामले की अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही की जा सकेगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, घटना के बाद दोनों बालिकाओं का चिकित्सकीय परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संयोगिता पैकरा द्वारा किया गया था और मेडिको लीगल रिपोर्ट तैयार की गई थी। बाद में रिपोर्ट में कथित भिन्नता की शिकायत मिलने पर थाना सीतापुर के निरीक्षक ने संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर को पत्र भेजकर जांच का अनुरोध किया था। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था।
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय चिकित्सकीय दल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि डॉ. पैकरा द्वारा तैयार मेडिको लीगल रिपोर्ट और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर की रिपोर्ट लगभग समान पाई गई है तथा किसी प्रकार की महत्वपूर्ण विसंगति नहीं मिली है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नाबालिग बालिकाओं से संबंधित स्लाइड की एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि की जा सकेगी।
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