इंदौर , अक्टूबर 12 -- भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने माना कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों में यह काबिलियत है कि वे अपने आक्रामक खेल से किसी भी समय मैच का पासा पलट सकते हैं। यह बात हमारे जहन में थी। मैच पूर्व हुई बैठक में हमने आक्रामक बने रहने का फैसला किया था। वेस्टइंडीज को 14 रनों से हराने के बाद रविवार को अभिषेक ने कहा, "वेस्टइंडीज एक ऐसी टीम है, जिसके खिलाफ आप कभी यह नहीं कह सकते कि मैच हमारी मुट्ठी में आ गया है। यह बात हमारे जहन में भी थी, क्योंकि हमने पिछले मैच में देखा था कि जो बल्लेबाज आते हैं और यहां के हालात जैसे हैं, उनके लिए किसी भी स्थिति से मैच छीन लेना बहुत आसान होता है। इसलिए खेलते समय यह बात हमारे दिमाग में थी। टीम बैठक में हम इसी बारे में बात कर रहे थे कि हमें आक्रामक बने रहना है, ढील नहीं देनी है और उन्हें वापसी का एक भी मौका नहीं देना है।"उन्होंने कहा, "अगर आपने आज भी देखा हो, तो शमार स्प्रिंगर ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, हम सच में हैरान थे कि उन्होंने वे शॉट्स कैसे खेले। वे आसान शॉट्स नहीं थे। इसलिए आपको हर पल सतर्क रहना पड़ता है। भले ही उनका स्कोर 50 रन पर 5 विकेट हो, मुझे लगता है कि उनमें पासा पलटने की काबिलियत है। ऐसे में, इस बार हम पूरी तरह तैयार थे। अगर हमें गेंदबाजी में अच्छा पावरप्ले मिला है, तो उस समय हम उन्हें एक भी खराब गेंद नहीं फेंक सकते थे। हम बस अपनी योजनाओं पर अमल करना चाहते थे और हमने वही किया।"अभिषेक ने बल्लेबाजी में शानदार शुरुआत करते हुए 30 गेंदों में 69 रन बनाए, जिससे भारत का स्कोर 223 तक पहुंच गया। हालाकि, मेजबान टीम की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। उन्होंने पारी की पहली 14 गेंदों में मात्र 13 रन बनाए और इसी दौरान संजू सैमसन भी छह गेंदों में तीन रन बनाकर आउट हो गए।

अपनी इस धीमी शुरुआत के बारे में अभिषेक ने कहा, "मेरे दिमाग में यह बात थी कि उन्होंने मेरे खिलाफ कोई प्लान बनाया है। जहिर है, पहले ओवर में उन्होंने ऑफ-स्पिनर रोस्टन चेज को गेंदबाजी दी। तो यह बस मेरे और उनके बीच का मुकाबला था। मैंने पहले ओवर में उन्हें सम्मान दिया क्योंकि मुझे लगता है कि वह इस सीरीज में बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। तो बात बस इतनी है कि मेरे लिए भी प्लान काफ़ी अच्छा रहा, क्योंकि पावरप्ले में मैं बस कुछ रन बनाने की कोशिश कर रहा था। उनके पास मेरे लिए एक प्लान था, और मुझे उससे बेहतर खेलना था।"हालांकि, तीसरे ओवर के बीच में उन्होंने तेजी दिखानी शुरू कर दी। उन्होंने कवर-पॉइंट के ऊपर से एक शानदार ड्राइव लगाकर बाउंड्री हासिल की और उसके बाद चेज़ की गेंदों पर दो छक्के जड़े। ईशान किशन के साथ मिलकर उन्होंने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ़ 40 गेंदों में 108 रन जोड़े, जिससे एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की नींव पड़ी। किशन ने भी 18 गेंदों में 37 रनों की तेज़ पारी खेलकर अपना योगदान दिया। भले ही छोटे मैदान पर दोनों बल्लेबाजों ने अपनी पारियों में छक्कों के मुकाबले अधिक चौके लगाए, लेकिन अभिषेक ने इसे बल्लेबाजों की कोई सोची-समझी रणनीति मानने से इनकार किया।

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