चंडीगढ़ , मई 31 -- केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने रविवार को अनुसूचित जाति (एससी) समाज को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा है कि यदि उनके किसी शब्द से एससी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह क्षमा याचना करते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान में श्री बिट्टू ने कहा कि एक जनसेवक के रूप में उनका हमेशा यह कर्तव्य रहा है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान किया जाये। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारा उनके लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि धूरी में हुई एक राजनीतिक बहस और पुलिस के साथ तनावपूर्ण स्थिति के दौरान कुछ शब्द उनके मुंह से निकल गये थे, जिन्हें लेकर विवाद खड़ा हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं ऐसे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जहां बड़ी संख्या में एससी समाज के लोग रहते हैं और उन्होंने हमेशा सभी वर्गों के सम्मान और अधिकारों की बात की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग उनसे स्पष्टीकरण मांगता है, तो वह आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे और लिखित रूप में भी माफी देने को तैयार हैं।
उल्लेखनीय है कि 26 मई को पंजाब निकाय चुनावों के दौरान धूरी में एक घटना के बाद श्री बिट्टू पर एससी समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए एसएसपी संगरूर से जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
विवाद के बीच श्री बिट्टू ने दोहराया कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था और यदि उनके शब्दों से किसी को दुख पहुंचा है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
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