मेरठ , जुलाई 21 -- उत्तर प्रदेश के मेरठ में लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में मंगलवार को किसानों का व्यापक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। हजारों किसानों ने कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कमिश्नर कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगवा दिया और परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
किसान हाथों में गन्ना और ज्वार की फसल लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन के बीच भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनसे मिलने तक को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बाद में कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया। इसके उपरांत किसान जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम भी ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों ने धरना देते हुए जिलाधिकारी से वार्ता की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध भी दर्ज कराया। कई ट्रैक्टरों पर डीजे की धुनों के बीच प्रदर्शन जारी रहा, जबकि कुछ किसान हुक्का पीते भी दिखाई दिए। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में आंदोलन का माहौल बना रहा। किसानों ने सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, गन्ना किसानों के लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण, बिजली के बढ़े हुए भार से राहत, तहसीलों में कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई तथा लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों के समाधान की मांग उठाई। उनका आरोप है कि खाद वितरण में अनियमितताओं के कारण किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल रहा है और गन्ना भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। साथ ही, जिलाधिकारी से मिलने के लिए समय मांगने पर भी किसानों को सुनवाई नहीं मिलती, जिससे उनमें गहरा असंतोष है।
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