मेरठ , फरवरी 13 -- मेरठ में गंगानगर की युवती और लिसाड़ी गेट निवासी युवक शाहवेज उर्फ साहिल के प्रस्तावित विवाह को लेकर शुक्रवार को तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
विरोध और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बीच 13 फरवरी को मवाना रोड स्थित पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में होने वाला विवाह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। रिसोर्ट प्रबंधन ने बुकिंग निरस्त कर दी जबकि पुलिस ने घोषित 'हिंदू महापंचायत' को अनुमति न देते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
पुलिस के अनुसार युवती के चाचा की तहरीर पर गंगानगर थाने में युवक के खिलाफ धर्मांतरण और कथित 'लव जिहाद' के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किये गये है हालांकि अभी तक युवक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस ने बताया कि इस विवाह के विरोध में विभिन्न संगठनों ने रिसोर्ट परिसर में महापंचायत बुलाने की घोषणा की थी। प्रशासन ने आयोजन की अनुमति न होने का हवाला देते हुए रिसोर्ट को बंद कराया और परिसर पर ताले लगवा दिए। एहतियातन कई थानों की पुलिस, पीएसी और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। गंगानगर में युवती के घर के आसपास भी पुलिस बल लगाया गया है तथा खुफिया तंत्र निगरानी में जुटा है।
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के पदाधिकारियों ने निर्धारित समय पर पंचायत करने का दावा किया हालांकि प्रशासन ने किसी भी तरह के सार्वजनिक आयोजन पर रोक की बात दोहराई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी को देर रात करीब एक बजे उनके गाजियाबाद स्थित आवास पर नजरबंद कर लिया गया था।
यह मामला इस समय प्रकाश में आया और विवाद बढ़ा जब विवाह के निमंत्रण पत्रों में दूल्हे का नाम 'साहिल' छपा, जबकि विरोधी पक्ष ने युवक का नाम शाहवेज बताया। युवती के चाचा ने आरोप लगाया कि उनकी भतीजी को बहला कर संपत्ति के उद्देश्य से विवाह किया जा रहा है और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है।
दूसरी ओर युवती ने कहा है कि उसने विशेष विवाह अधिनियम के तहत आवेदन किया था और वह बौद्ध धर्म मानने की बात कहती है। उसने दर्ज मुकदमे में बयान दे दिए हैं और फिलहाल विवाह टाल दिया गया है। उसने यह भी कहा कि स्थिति को देखते हुए उसे अपेक्षित पुलिस सहयोग नहीं मिल सका।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन नहीं होने दिया जाएगा।
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