जौनपुर , फरवरी 16 -- जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सिद्धिकपुर के निर्माण कार्यों में शिथिलता बरतने पर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (सिविल एवं विद्युत इकाई) के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार देर शाम मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति एवं लंबित समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लगभग पूर्ण भुगतान के उपरांत भी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं किया गया है, जो गंभीर लापरवाही है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रधानाचार्य को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परियोजना को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रधानाचार्य डॉ. आर.बी. कमल ने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा भवन निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं कराया गया है, जिससे अस्पताल का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। सेंट्रल एसी एवं सबस्टेशन के हैंडओवर के संबंध में उन्होंने कहा कि कार्य अधूरा होने की स्थिति में हस्तांतरण संभव नहीं है।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन तथा लोक निर्माण विभाग, जौनपुर के संबंधित अधिकारियों को संयुक्त भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। परियोजना प्रबंधक (सिविल एवं विद्युत) द्वारा धनाभाव का हवाला दिए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासनादेशों के माध्यम से अधिकांश धनराशि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को पूर्व में ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता वी.के. सिंह, अवर अभियंता ए.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक एस.के. यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित