शिलांग , फरवरी 24 -- मेघालय सरकार राज्य में स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ाने और किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के मकसद से 'मेघालय स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल 2026' का आयोजन कर रही है। यह उत्सव राज्य के तीन प्रमुख केंद्रों- स्मित, सोहलिया और तुरा में आयोजित किया जाएगा।
यह स्ट्राबेरी उत्सव स्मित गांव (ईस्ट खासी हिल्स) में 25 से 28 फरवरी, सोहलिया (री-भोई जिला) और दारेचिक्रेंग, तुरा (वेस्ट गारो हिल्स) में में चार से सातमार्च तक चलेगा।
उल्लेखनीय है कि मेघालय में स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत 1988 में सोहलिया में मात्र 50 पौधों से हुई थी, लेकिन साल 2004 में ड्रिप सिंचाई प्रणाली की शुरुआत और सरकारी सहायता के बाद इसकी पैदावार में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
वर्तमान में मेघालय में सालाना लगभग 1,200 टन स्ट्रॉबेरी की पैदावार होती है। राज्य के 250 से अधिक गांवों में खेती फैल चुकी है और 4,000 से ज्यादा किसान इससे जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने राज्य बजट में घोषणा की है कि अगले वित्तीय वर्ष में जापान की प्रसिद्ध और अधिक मीठी 'तोचियोटोम' किस्म को मेघालय में पेश किया जाएगा। तोचियोटोम अपनी अत्यधिक मिठास के लिए जानी जाती है। सामान्य स्ट्रॉबेरी की तुलना में इसमें एसिड की मात्रा कम और प्राकृतिक शुगर (मिठास) अधिक होती है, जिससे इसका स्वाद बहुत ही उम्दा होता है।
इससे किसानों की आय में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, आईएचएम शिलांग के साथ मिलकर वैल्यू-डेड उत्पाद (जैम, जूस, डेसर्ट) तैयार करना और उच्च मूल्य वाले फलों और फूलों की खेती को प्राथमिकता देना शामिल है।
इस उत्सव के दौरान पर्यटक खेतों में जाकर खुद स्ट्रॉबेरी तोड़ने का आनंद ले सकेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री के 'ग्रासरूट म्यूजिक प्रोग्राम' के तहत स्थानीय कलाकारों की लाइव परफॉर्मेंस और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह महोत्सव न केवल व्यापारिक संबंध मजबूत करेगा, बल्कि राज्य में एग्रो-टूरिज्म (कृषि पर्यटन) को भी बढ़ावा देगा।
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