शिलांग , जुलाई 07 -- मेघालय सरकार ने राज्य में यूरेनियम खनन की अनुमति नहीं देने के अपने रूख को फिर से दोहराया है।

शहरी मामलों के प्रभारी उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने कहा, "हमारा रुख बिल्कुल साफ है कि हम यूरेनियम खनन की अनुमति नहीं देंगे। हम मेघालय के लोगों के साथ हैं और हमारा यह रुख बदला नहीं है।"श्री धर का यह स्पष्टीकरण खासी छात्र संघ (केएसयू) की उस मांग के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि मेघालय विधानसभा को राज्य में यूरेनियम खनन के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। केएसयू की अगुवाई में हो रहे यूरेनियम-विरोधी अभियान ने दावा किया कि री-भोई जिले के पूर्व विधायक समेत प्रभावशाली लोग डोमियासियाट गांव में जमीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उसे यूरेनियम निकालने वाली खनन कंपनियों को बेचा जा सके।

उल्लेखनीय है कि डोमियासियाट दक्षिण-पश्चिम खासी हिल्स जिले का एक ऐसा छोटा-सा गांव है, जो राजधानी शिलांग से लगभग 130 किलोमीटर दूर है और भारत में यूरेनियम के सबसे बड़े और समृद्ध भंडार के लिए जाना जाता है। मेघालय में अनुमानित 90 लाख टन से अधिक यूरेनियम अयस्क का भंडार है और वह झारखंड तथा आंध्र प्रदेश के बाद देश का तीसरा सबसे अधिक यूरेनियम उत्पादन करने वाला राज्य है।

श्री धर ने कहा कि हालांकि उन्हें ऐसे दावों की जानकारी है लेकिन उन्होंने लोगों के समर्थन के बिना यूरेनियम निकालने का काम आगे नहीं बढ़ने की बात करते हुए कहा कि पूरा राज्य इस मामले पर एकमत है।

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