खलीहरियात , मई 29 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि राज्य सरकार कोयला खनन पर लगी रोक हटाने और वैज्ञानिक खनन तरीकों को लागू करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री संगमा के पास खनन और भूविज्ञान विभाग भी है। उन्होंने खनन क्षेत्र का समर्थन करते हुए कानूनी जरूरतों का पालन करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने छोटे पैमाने पर खनन करने वालों का समर्थन करने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को हल करने के बारे में कहा, "टिकाऊ खनन तरीकों को सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत चल रही है।"श्री संगमा ने दीर्घकालिक स्थिरता हासिल करने के लिए बड़े और छोटे खनन करने वालों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर बल देते हुए ऐसे समाधान खोजने की उम्मीद भी जताई जिनसे खनन क्षेत्र और पर्यावरण दोनों को लाभ हो।
उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से इस क्षेत्र को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ कई गांव भी आपस में जुड़ेंगे।
गौरतलब है कि जयंतिया कोयला मालिकों, खनिकों, आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों के संघ (जेसीओएमएसडब्ल्यूए) ने एक जून को पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिला मुख्यालय खलीहरियात में कियांग नांगबाह की प्रतिमा के पास भूख हड़ताल करने का फैसला किया था, ताकि सरकार पर दबाव डाला जा सके कि वह राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा लगाए गए कोयला खनन और परिवहन प्रतिबंध के कारण समुदाय को हो रही समस्याओं का समाधान करे।
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