तुरा , अक्टूबर 07 -- मेघालय के प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक संगठन गारोलैंड राज्य आंदोलन समिति (जीएसएमसी) ने गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के कार्यकाल को दूसरी बार छह महीने बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले की निंदा की है।
जीएसएमसी के सह-अध्यक्ष जुनेस्त्रेमी आर. मराक ने गुरुवार को जारी एक बयान में जीएचएडीसी का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाए जाने को 'अनुचित, निराधार और लोकतांत्रिक शासन की भावना के विपरीत' बताया। उन्होंने जीएचएडीसी की चुनाव प्रक्रिया में राज्य सरकार के कथित अनुचित हस्तक्षेप पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "जीएचएडीसी की संवैधानिक स्थिति और स्वायत्त स्वरूप का सम्मान किया जाना चाहिए तथा निर्वाचित कार्यकाल को बार-बार बढ़ाकर इसके लोकतांत्रिक कामकाज को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।"श्री मराक ने कहा, "इस तरह बार-बार कार्यकाल बढ़ाना लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के लिए नुकसानदायक है। हम राज्य सरकार से चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह के आगे के हस्तक्षेप या देरी से बचने का आग्रह करते हैं।"उल्लेखनीय है कि राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को जीएचएडीसी का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने को मंजूरी दी थी। सरकार ने कहा था कि चुनाव कराने के लिए परिसीमन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अभी जारी है।
जीएचएडीसी के कार्यकाल का पिछला छह महीने का विस्तार 17 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है। इससे पहले मार्च में मतदान से पहले गारो हिल्स में हुई सामुदायिक हिंसा के बाद मूल चुनाव की तारीख स्थगित कर दी गई थी।स्था का कार्यकाल बार-बार बढ़ाने का कोई ठोस या उचित आधार नहीं है, खासकर तब जब चुनाव कराने की तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।
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