शिलांग , जनवरी 19 -- मेघालय पुलिस ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रजेंद्र प्रसाद कटके को पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले की एक अवैध कोयला खदान में एक कोयला खनिक की मौत के मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपी है।

पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कोयला खनिक की पहचान मोसैद अली (48) के रूप में हुई है जो असम के होजई जिले के नागोम में जमुना मौडांगा का रहने वाला था। उसकी मौत 14 जनवरी को हुई थी। पुलिस ने इस संबंध में खुद से मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उमथे इलाके में अवैध कोयला खदान के पर्यवेक्षक सहनाज उद्दीन को गिरफ्तार किया है। सहनाज असम के कछार जिले के कलैन के भैरबपुर का रहने वाला है।

पुलिस ने सहनाज के खिलाफ खलीह्रियत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और खदान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पूर्वी जैंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख विकास कुमार ने कहा, "हमने मामले की जानकारी न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बीपी कटेकी समिति को भेज दी हैं। हमने हाल ही में थांगस्को इलाके में कथित कोयला खनिकों की हुई दूसरी मौतों की रिपोर्ट भी उनको भेजी हैं।"श्री कटेकी को मेघालय उच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2022 में राज्य में गैर-कानूनी कोयला खनन और परिवहन के मामलों पर नज़र रखने के लिये नियुक्त किया था। इसके अलावा, श्री कटेकी को उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल के निर्देशों के पालन में राज्य सरकार को उपाय सुझाने के लिये भी कहा गया था, जिसने अप्रैल 2014 में खतरनाक रैट-होल कोयला माइनिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब तक समिति ने उच्च न्यायालय को 34 रिपोर्ट दी हैं।

श्री कुमार ने कहा कि उमथे गांव में गैर-कानूनी कोयला खदान बंद कर दी गयी है। पुलिस अधिकारियों को इलाके का निरीक्षण करने के आदेश दिये गये हैं। बड़ी जांच के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी डिएंगनगन को थांगस्को इलाके का भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है, जहां कथित तौर पर गैर-कानूनी कोयला खनन की गतिविधियां अभी भी चल रही हैं।

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