शिलांग , अक्टूबर 13 -- मेघालय में राज्य सरकार से वित्तीय अनुदान प्राप्त करने वाले स्कूलों के लगभग 4,000 शिक्षकों ने मंगलवार को अपना तीन दिवसीय सामूहिक आकस्मिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया।

खासी जयंतिया डेफिसिट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (केजेडीएसटीए) और गारो हिल्स डेफिसिट स्कूल टीचर्स एंड एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने इस आंदोलन का आह्वान उनकी मांगों को पूरा नहीं किए जाने को लेकर किया है। इन मांगों में योजना 2026 को रद्द करना और बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बहाली शामिल है।

केजेडीएसटीए के अध्यक्ष बॉसवेल पाला ने कहा कि शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डी. लिंगदोह द्वारा 8 अक्टूबर को जारी किए गए जवाब में 25 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सौंपे गए ज्ञापन में इन मांगों की जानकारी दी गयी थी। श्री पाला ने कहा कि योजना को वापस लेने पर सहमति जताने के बजाय, सरकार ने शिक्षकों से योजना 2026 को लागू करने के लिए परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर के वास्ते पंजीकरण करने के लिए कहा है। बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार ने 27 अप्रैल, 2026 को गठित बोर्ड में डेफिसिट शिक्षकों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा था, हालांकि एसोसिएशनों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

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