शिलांग , जुलाई 31 -- मेघालय के ईस्ट जयंतिया पर्वतीय जिले में 'श्री सीमेंट' की खनन परियोजना के लिए शुक्रवार को हुयी पर्यावरणीय जनसुनवाई उस समय विवादों में घिर गयी, जब परियोजना का विरोध कर रहे किसानों को इस बैठक में शामिल होने से रोकने के गंभीर आरोप पुलिस पर लगाये गये।
इस योजना के तहत 1,800 करोड़ रुपये की लागत से एक सीमेंट कारखाना बनाया जायेगा। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय चिंताएं सामने आयीं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिले के अपर आयुक्त अलर्टसन नोंगबरी की अध्यक्षता में किसानों और भूस्वामियों की जनसुनवाई आयोजित की गयी थी।
यह जनसुनवाई 'इलाका नोंगखलीह' के तहत 'लुम सिरमैन' में सुबह आठ बजे शुरू हुई और महज 46 मिनट बाद समाप्त हो गयी। इस प्रस्तावित परियोजना का विरोध कर रहे लुम सिरमैन और शनोंग्रिम गांव के भूस्वामी और किसान जनसुनवाई स्थल तक नहीं पहुंच सके क्योंकि राज्य पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें 'लाड शनोंग्रिम' में ही रोक दिया।
इसके अलावा ग्रामीणों को जनसुनवाई में जाने से रोकने के लिए कुछ अज्ञात लोगों के सड़क खोद दिये जाने के कारण अस्पताल जा रही एक गर्भवती महिला को कार के भीतर ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रभावित भूस्वामियों ने कहा, " हमने पुलिस से श्री सीमेंट परियोजना के संबंध में अपनी चिंताएं व्यक्त करने के लिए जनसुनवाई में भाग लेने देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने हमें अंदर नहीं जाने दिया। ऐसा तब हुआ जब हमने उन्हें ईस्ट जयंतिया हिल्स के उपायुक्त का आदेश भी दिखाया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भूस्वामियों को भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।"उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को अपने अधिकारों का हनन और जनसुनवाई के मूल उद्देश्य के खिलाफ बताया।
दूसरी ओर, जनसुनवाई में शामिल हुए 'इलाका नोंगखलीह', 'बामखूसंगी' गांव और 'टोंगसेंग नोंगखलीह' गांव के बुजुर्गों ने श्री सीमेंट परियोजना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी आएगी और ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
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