रायपुर , अक्टूबर 20 -- छत्तीसगढ़ में मूर्ति पूजा और गरबा को लेकर दिए गए बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

भाजपा के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की टिप्पणी पर सोमवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया। इसके बाद भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर श्री बघेल पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई है।

दरअसल, भाजपा के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा था कि मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का गरबे में क्या काम। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भारतीय दर्शन और देश में प्रचलित विभिन्न पंथों की परंपराओं का जिक्र किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, वो भारतीय दर्शन को नहीं समझते। उन्होंने सनातन धर्म में मूर्ति पूजा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, कबीर पंथ में कौनसी मूर्ति पूजा करते हैं। सिख धर्म में कौनसी मूर्ति पूजा है। सतनाम पंथ में कहां मूर्ति पूजा है। श्री बघेल ने कहा भारत में बहुत सारे पंथ है जिसमें गुरु परंपरा है। जो गुरु परंपरा है उनमें मूर्ति पूजा नहीं है। उन्होंने कहा पहले भारत को समझें फिर बात करें।

श्री बघेल के बयान के बाद भाजपा ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर निशाना साधा। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो साझा करते हुए सनातन धर्म को अपमानित करने का आरोप लगाया। भाजपा ने पोस्ट में लिखा कि श्री भूपेश ने आखिर सनातन का अपमान क्यों किया, जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें। इसके साथ ही पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री का वीडियो भी पोस्ट किया।

इस विवाद में भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, श्री बघेल छत्तीसगढ़ की संस्कृति के शुभचिंतक है। ऐसा बयान उनको शोभा नहीं देता। मूर्ति पूजा नहीं मानने वाला बयान बेतुका है और प्रदेश के सारे लोग मूर्ति पूजा के समर्थक है।

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