बैतूल , अगस्त 25 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मूंग खरीदी के दौरान कथित मिलावट का मामला सामने आने के बाद जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। प्राथमिक सहकारी समिति बोरगांव जीन द्वारा जय मां चंडी वेयर हाउस जीन में की जा रही मूंग खरीदी में घटिया गुणवत्ता की मूंग मिलाए जाने के आरोप हैं।

जानकारी के अनुसार किसानों से अच्छी गुणवत्ता की मूंग खरीदी करने के बाद रात में उसे घटिया गुणवत्ता की मूंग के साथ मिलाकर अच्छी मूंग निकालने की शिकायत सामने आई थी। चार अगस्त की रात कुछ सर्वेयरों ने अचानक गोदाम पहुंचकर कथित गड़बड़ी के वीडियो बनाए, जो बाद में अधिकारियों तक पहुंचे।

वीडियो सामने आने के बाद विपणन संघ के डीएमओ प्रदीप ग्रेवाल और कृषि विभाग के डीडीए रजक ने छह अगस्त को जय मां चंडी वेयर हाउस पहुंचकर जांच की। जांच में गोदाम में रखे दो स्टैक में मिलावट पाई गई। इनमें एक स्टैक में 2,890 और दूसरे में 3,283 बोरियां थीं। जांच में दोनों स्टैक में करीब नौ प्रतिशत तक मिलावट अथवा क्षतिग्रस्त दाने पाए गए, जबकि निर्धारित एफएक्यू मानकों के अनुसार अधिकतम दो प्रतिशत तक ही ऐसी मिलावट स्वीकार्य है।

जांच अधिकारियों के प्रतिवेदन में माल को निर्धारित एफएक्यू मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। आरोप है कि इसके बावजूद गोदाम को तत्काल सील करने अथवा संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने जैसी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 20 अगस्त तक खरीदी जारी रहने और संबंधित लोगों को गड़बड़ी सुधारने का अवसर मिलने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

मामले को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि खरीदी के बाद वेयर हाउस को विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सील किया जाता था, ऐसे में रात में कथित तौर पर गोदाम खोलकर मूंग में मिलावट कैसे की गई, इसकी भी जांच की आवश्यकता है।

बताया गया है कि इसी तरह के मामले में नर्मदापुरम जिले के गुराड़िया कलां खरीदी केंद्र पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों और वेयर हाउस संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बैतूल मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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