बैतूल , अक्टूबर 07 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान कम बारिश होने से जल संकट की स्थिति बन गई है। मुलताई तहसील क्षेत्र में कई जलाशयों का जलस्तर तय मानकों से नीचे पहुंच गया है, जिससे आगामी रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी की किल्लत की आशंका है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बांधों और नहरों से अनधिकृत रूप से पानी का दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार क्षेत्र के कई जलाशयों में जलस्तर 50 प्रतिशत से भी कम रह गया है, जबकि कुछ प्रमुख जलाशयों में पानी की मात्रा 20 प्रतिशत से नीचे पहुंच गई है। विभागीय नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में उपलब्ध न्यूनतम पानी को पेयजल और निस्तार के लिए आरक्षित रखा जाना आवश्यक है।
मुलताई के कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग के.एल. मरकाम ने मुलताई, आमला और आठनेर के अनुविभागीय अधिकारियों, विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों तथा संबंधित थाना प्रभारियों को पत्र लिखकर संयुक्त कार्रवाई का अनुरोध किया है।
विभाग ने विद्युत वितरण कंपनी से जलाशयों का जलस्तर 50 प्रतिशत से कम वाले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए दिए गए अवैध विद्युत कनेक्शन तत्काल विच्छेद करने तथा आगामी आदेश तक कृषि कार्यों के लिए नए विद्युत कनेक्शन जारी नहीं करने का अनुरोध किया है। इसका उद्देश्य अवैध रूप से मोटर पंप चलाकर पानी के दोहन को रोकना है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में हाल ही में हुई जल उपयोगिता समिति की बैठक में भी जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था। बैठक में बांधों और नहरों पर अवैध रूप से मोटर पंप लगाकर सिंचाई करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
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