बैतूल , अगस्त 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई नगर पालिका में जर्जर दुकानों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइल नहीं मिलने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका कार्यालय के निरीक्षण के दौरान विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने फाइल उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए अभिलेखों के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की है।

जानकारी के अनुसार विधायक श्री देशमुख बुधवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों के वेतन भुगतान, नगर पालिका की दुकानों की स्थिति तथा अन्य प्रशासनिक विषयों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रह्लाद परमार सहित अजय यादव, महेंद्र जैन, रितेश विश्वकर्मा और सुरेश पोनिकर मौजूद थे।

बैठक के दौरान नगर पालिका की जर्जर दुकानों के पुनर्निर्माण का विषय सामने आया। विधायक ने प्रस्तावित निर्माण स्थल और उससे संबंधित अभिलेखों की जानकारी मांगी। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रह्लाद परमार ने बताया कि पुराने बैरियर नाके पर स्थित नगर पालिका की दुकानें अत्यंत जर्जर हो चुकी हैं और उन्हें हटाकर नई दुकानों के निर्माण की योजना बनाई गई है।

इसके बाद विधायक ने संबंधित फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने कर्मचारी को फाइल लाने के लिए कहा, लेकिन काफी तलाश के बाद भी फाइल कार्यालय में नहीं मिल सकी। कर्मचारियों ने एक-दूसरे से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन फाइल का कोई पता नहीं चल सका।

महत्वपूर्ण फाइल नहीं मिलने पर विधायक श्री देशमुख ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय कार्यालयों में महत्वपूर्ण अभिलेखों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित संधारण होना आवश्यक है। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती परमार ने भी इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जर्जर दुकानों से संबंधित फाइल का गायब होना चिंता का विषय है।

सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने भी फाइल नहीं मिलने पर कर्मचारियों के प्रति नाराजगी जताई और संबंधित अभिलेखों की तलाश कराने के साथ पूरे मामले की जांच कराने की बात कही। घटना के बाद नगर पालिका कार्यालय की कार्यप्रणाली और अभिलेख प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय स्तर पर फाइल की तलाश और मामले की जांच जारी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित