नयी दिल्ली , अक्टूबर 09 -- इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को ज्ञापन सौंपने और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने से पहले शुक्रवार को संसद भवन परिसर के केंद्रीय कक्ष में बैठक की।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले सहित गठबंधन के अन्य दलों के कई नेता शामिल हुए।

श्री खरगे ने संसद भवन परिसर पहुंचने पर पत्रकारों से कहा "मेट्रो स्टेशन बंद करना और रेलगाड़ियों की सेवाएं रद्द करने से साफ हो गया है कि वे डरे हुए हैं और जो आदमी डरता है, वह आज या कल मरता है।"उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति से मिलने इसलिए जा रहा है क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गलतियां की हैं। उन्होंने देश में ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिससे लोकतंत्र पर खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है। विपक्ष राष्ट्रपति को इन सभी मामलों से अवगत कराएगा।

श्री वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी रेलगाड़ियों और मेट्रो स्टेशनों की सेवाएं रोक दी गई हैं। इससे जाहिर होता है कि सरकार पूरी तरह डरी हुई है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक देश में आंदोलन और जुलूस होते हैं और सरकार को उनसे लोकतांत्रिक तरीके से निपटना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार तानाशाहीपूर्ण रवैया अपना रही है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सभी नेता एक साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने रेलगाड़ियों को रद्द किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कोलकाता से भी राजधानी एक्सप्रेस सहित कई रेलगाड़ियां रद्द की गई हैं, जिससे छात्रों और युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कहा कि राष्ट्रपति को पूरी स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उनका कहना था कि देश में भय तथा आशंका का माहौल है जो अत्यंत चिंताजनक है।

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