नयी दिल्ली , जुलाई 24 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानियाई कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा है कि "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य की दिशा में बढ़ रहे भारत की यात्रा में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए अपार संभावनाएं हैं।

तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोमानिया पहुंची श्रीमती मुर्मु ने शुक्रवार को बुखारेस्ट में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान के साथ भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया । उन्होंने दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं से कहा कि रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन, उन्नत औद्योगिक क्षमताओं और यूरोपीय संघ के साथ मजबूत एकीकरण के कारण रोमानिया भारत का एक स्वाभाविक और मूल्यवान साझेदार है।

उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक सहयोग दोनों देशों की समकालीन साझेदारी का प्रमुख आधार हैं और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन व्यापार एकीकरण को गहरा करेगा, निवेश प्रवाह को मजबूत करेगा, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करेगा तथा एमएसएमई, स्टार्टअप और नवोन्मेषकों के लिए नये अवसर सृजित करेगा।

भारत में निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश सरलीकृत कर व्यवस्था और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी पहलों के माध्यम से पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल व्यावसायिक माहौल बना रहा है तथा दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

श्रीमती मुर्मु ने ऊर्जा सुरक्षा, हरित परिवर्तन, रसायन एवं उर्वरक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, औषधि, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को भारत और रोमानिया के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के उद्योग जगत उभरते अवसरों को सफल व्यावसायिक साझेदारियों में बदलेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत सहयोग से लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण, रोजगार सृजन, नवाचार को बढ़ावा और दोनों देशों के लोगों के लिए सतत समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।

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