मुरादाबाद , मार्च 20 -- उत्तर प्रदेश की पीतल नगरी मुरादाबाद में योगी सरकार के नौ वर्षों में करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से शहर की तस्वीर बदली है।

स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत सोनकपुर रेल ओवरब्रिज, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे ट्रैफिक जाम, सुरक्षा और पर्यावरण में सुधार हुआ है। 106 करोड़ रुपये की लागत से बने सोनकपुर रेल ओवरब्रिज ने दिल्ली रोड पर ट्रैफिक जाम कम किया है, जबकि 114.91 करोड़ रुपये के स्मार्ट रोड नेटवर्क ने यातायात सुगम बनाया। 233.17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आईसीसीसी शहर में 24x7 निगरानी कर अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में मदद कर रहा है। 35 स्थानों पर फ्री वाई-फाई सुविधा भी युवाओं के लिए उपलब्ध है।

पर्यावरण संरक्षण में 58 एमएलडी क्षमता वाले 400 करोड़ रुपये के एसटीपी ने रामगंगा नदी को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया है। 30 सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप से सालाना करीब 95 लाख रुपये की बिजली बचत हो रही है।

शिक्षा क्षेत्र में अटल आवासीय विद्यालय 560 बच्चों को निशुल्क शिक्षा, हॉस्टल और स्मार्ट क्लास की सुविधा दे रहा है। दृष्टिबाधित और मूक-बधिर बच्चों के लिए सुगम्य पुस्तकालय सक्रिय है। 169.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन राजकीय गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय प्रगति पर है। स्वास्थ्य क्षेत्र में छह हेल्थ एटीएम ग्रामीणों को निशुल्क जांच सेवाएं दे रहे हैं।

महानगर के सौंदर्यीकरण में संविधान पार्क, हनुमान वाटिका और 137 अमृत सरोवर भूजल स्तर और सिंचाई में सहायक हैं। मुरादाबाद एयरपोर्ट का टर्मिनल और रनवे तैयार हैं, लेकिन व्यावसायिक उड़ानें अभी नियमित नहीं हो सकीं। 25 इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग स्टेशन भी तैयार हैं, लेकिन पूर्ण संचालन में तकनीकी देरी है।

कुल मिलाकर, इन परियोजनाओं ने मुरादाबाद को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में संचालन को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है।

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