मुरादाबाद, मई 08 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अतिथियों का स्वागत अब बुके से नहीं बल्कि बुक (पुस्तक) से होगा। यहां जिलाधिकारी की अनोखी पहल 'एक पुष्प-एक पुस्तक' अभियान शुरू हो गया है।
स्मार्टफोन और डिजिटल क्रांति के इस दौर में घटती एकाग्रता को वापस लाने और पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुरादाबाद जिले में यह अभिनव शुरुआत हुई है। नवागत जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिले में 'एक पुष्प, एक पुस्तक' और 'सब पढ़ें, आगे बढ़ें' अभियान का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब जिले में आयोजित होने वाले सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत के लिए 200 से 1500 रुपये तक के महंगे और प्लास्टिक युक्त बुके (पुष्पगुच्छ) देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके स्थान पर अब अतिथियों को मात्र एक फूल और एक ज्ञानवर्धक पुस्तक भेंट की जाएगी। जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सभी विभागों में सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. पैंसिया ने कार्यभार ग्रहण करने के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि स्वागत में आने वाले बुके में 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह प्लास्टिक का होता है, जबकि ताजे फूलों वाले बुके में भी प्लास्टिक का भारी इस्तेमाल किया जाता है। एक बुके की शेल्फ लाइफ महज 24 से 48 घंटे होती है, जिसके बाद यह कचरे के रूप में पर्यावरण और स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है। इसी अपव्यय और पर्यावरणीय खतरे को देखते हुए बुके की जगह पुस्तक भेंट करने का निर्णय लिया गया है, जो जीवनभर की स्मृति बनने के साथ-साथ ज्ञान का प्रसार भी करती है।
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