मुरादाबाद , मई 19 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में आमजन को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से अब कलेक्ट्रेट एवं तहसील दिवसों में आयुर्वेद और होम्योपैथी के विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि नोडल अधिकारी प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग करें, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सालयों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और ओपीडी सेवाओं को समयबद्ध ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। ओपीडी प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक ओपीडी करने वाले चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि 55 प्रतिशत से कम ओपीडी करने वाले डॉक्टरों को चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा।

संस्थागत प्रसव की स्थिति पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी आशा कार्यकर्ता की संलिप्तता निजी अस्पतालों में प्रसव कराने में पाई गई तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कुपोषण उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों वाले गांवों में विशेष निगरानी रखी जाए और जरूरतमंद बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए। इसके लिए एएनएम को पोषण ट्रैकर ऐप का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए।

बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि एक माह के भीतर सभी पीएमश्री, अटल आवासीय और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विद्यार्थियों के हेल्थ कार्ड तैयार किए जाएं।

बैठक में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, तंबाकू नियंत्रण अभियान और आभा आईडी निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक स्थलों से तंबाकू नियंत्रण अभियान शुरू करने तथा प्रतिदिन तीन हजार आभा आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपने कार्यक्षेत्र में ही निवास करें। पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित