मुरादाबाद , अप्रैल 02 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बुधवार देर रात पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में उधम सिंह गैंग का 50 हजार रुपये का इनामी शार्प शूटर आशू उर्फ मोंटी चड्ढा मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में एक एसटीएफ कर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट भी छलनी हो गई। मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने गुरुवार को बताया कि कुख्यात उधम सिंह गैंग के सक्रिय सदस्य आशू उर्फ मोंटी को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। उसके पास से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित .32 बोर की पिस्टल, रिवॉल्वर और बड़ी संख्या में जिंदा व खोखा कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, आशू उर्फ मोंटी चड्ढा हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी समेत 36 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। हाल ही में 15 मार्च को उसने मुरादाबाद के एक प्रमुख निर्यातक से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर दबाव बनाने के लिए बदमाशों ने निर्यातक की फैक्ट्री पर फायरिंग भी की थी। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात सूचना मिली कि आशू अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ ने सिविल लाइंस क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। इस्लाम नगर रोड स्थित पोस्टमार्टम हाउस के पास बदमाशों को घेरकर आत्मसमर्पण के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान आशू उर्फ मोंटी चड्ढा के रूप में हुई। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आशू का आपराधिक सफर वर्ष 2010 में एक हत्या के मामले से शुरू हुआ था। जेल में उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई, जिसके बाद वह गैंग का सक्रिय शार्प शूटर बन गया।
एसएसपी सतपाल अंतिल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई को मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ की ओर से संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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