मुरादाबाद , जून 27 -- उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद का प्रसिद्ध हस्तशिल्प उद्योग एक बार फिर गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। उद्योग जगत का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, अमेरिकी टैरिफ और ईरान युद्ध के असर से निर्यात कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल कमी किए जाने की मांग की है। एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को ईमेल के माध्यम से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अमेरिका के टैरिफ और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों ने मुरादाबाद सहित देश के निर्यात क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा कि ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण पीतल, एल्युमिनियम, स्टील, लोहा, कांच और अन्य धातुओं सहित कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि पैकिंग सामग्री की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं, रसायनों के दाम दोगुने हो चुके हैं तथा परिवहन और श्रम लागत में भी भारी वृद्धि हुई है, जिससे निर्यातकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले की तुलना में घटकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। ऐसे में उद्योग जगत ने मांग की है कि इस गिरावट का लाभ देश के उपभोक्ताओं और उद्योगों तक पहुंचाया जाए तथा पेट्रोल और डीजल के दाम कम किए जाएं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष नावेद उर रहमान और महासचिव अवधेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग देश को विदेशी मुद्रा अर्जित कराने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है और लाखों कारीगरों की आजीविका इसी पर निर्भर करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो छोटी निर्यात इकाइयां बंद होने की स्थिति में पहुंच सकती हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ने का खतरा पैदा हो जाएगा।

एसोसिएशन ने निर्यातकों, व्यापारियों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस मांग का समर्थन करें और इसे सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए साझा करें, ताकि उद्योग की समस्याएं सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।

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