नयी दिल्ली , सितंबर 19 -- राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने केंद्र सरकार के सम्पत्ति-मुद्रीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 5000 करोड़ रुपये के चिह्नित भवन और भूखंड़ों को बेचने के प्रस्ताव की अनुशंसा की है।
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (और अन्य सरकारी एजेंसियों की अप्रयुक्त या कम उपयोग की जाने वाली भूमि और भवन परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण का काम करने वाले केंद्र सरकार के उपक्रम एनएलएमसी के निदेशक मंडल की राजधानी में शुक्रवार को हुई 21वीं बैठक में परिसम्पत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम, वित्तीय प्रदर्शन और प्रमुख संस्थागत पहलों की समीक्षा की गयी। इसी बैठक में इन चिह्नित परिसम्पत्तियों को बाजार में ले जाने के इन प्रस्तावों की अनुशंसा की है।
वित्त मंत्रालय की शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक का एक प्रमुख बिंदु 5,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों से संबंधित मुद्रीकरण प्रस्तावों पर विचार और अनुशंसा करना था। इन प्रस्तावों में मुद्रीकरण के लिए चिह्नित अधिशेष भूमि और भवन संपत्तियां शामिल हैं और ये सरकार के अल्प उपयोग और अधिशेष संपत्तियों के मूल्य को सामने लाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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