मथुरा , जुलाई 02 -- उत्तर प्रदेश के मथुरा में 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमरेश कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र को नौ सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह स्थायी एवं 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर, 150 बैरियर, 183 सीसीटीवी कैमरे, 350 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 1,281 एलईडी लाइटें, 14 सेमी मास्ट लाइट, एक हाईमास्ट लाइट तथा 212 सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच खोया-पाया केंद्र, 140 हैंडपंप, 30 पानी के टैंकर, 17 आरओ प्लांट, 25 मोबाइल शौचालय, तीन जनसुविधा केंद्र, 61 पार्किंग स्थल, 16 अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र, दो स्वयंसेवी संस्थाओं के चिकित्सा शिविर, पांच बाइक एंबुलेंस, 14 एंबुलेंस, 1,100 रोडवेज बसें, 19 अग्निशमन वाहन, 54 गिरिराज मोबाइल, छह हेल्थ मोबाइल, 22 चिकित्सा शिविर, एसडीआरएफ की एक टीम, पीएसी की दो कंपनियां तथा तीन सीसीटीवी कंट्रोल रूम और नौ सब-कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 में मुड़िया पूर्णिमा मेले में 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 को प्लास्टिक मुक्त मेला के रूप में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने विद्युत विभाग को सभी बिजली के खंभों की प्लास्टिक रैपिंग, क्षतिग्रस्त पोल बदलने, ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को 15 जुलाई तक अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने, वॉल पेंटिंग, फसाड लाइटिंग, तिरंगा लाइटिंग, झालरों एवं अन्य सजावट से पूरे मार्ग को आकर्षक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सभी स्ट्रीट और सोलर लाइटों को दुरुस्त कराने के लिए कहा। परिक्रमा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर मिट्टी डलवाने, जलभराव रोकने, नियमानुसार भंडारों की अनुमति देने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवर्धन, राधाकुंड और मेला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

बैठक में एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य, पुलिस, रोडवेज, अग्निशमन, विद्युत, विकास प्राधिकरण, पंचायती राज और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, एंबुलेंस एवं अस्पतालों की मैपिंग कराने तथा एंटी-वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्राधिकारी गोवर्धन को सीसीटीवी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा डाइवर्जन प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) नंद प्रकाश मौर्य, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) वेद प्रिय आर्य, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, उपजिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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