मुजफ्फरपुर , अप्रैल 22 -- बिहार में मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने साइबर नेटर्वक गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को सूचना के आधार पर अहियापुर थाना क्षेत्र के गरहा ओपी इलाके में छापेमारी की गई। सूचना थी कि कफेन चौधरी गांव निवासी रिशम कुमार अवैध एपीआई बनाकर लोगों की निजी जानकारी विदेशी साइबर गिरोहों को बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें बिहार विशेष कार्य बल (एसटीएफ), जिला आसूचना इकाई और साइबर थाना के अधिकारी शामिल थे।
श्री मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रिशम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों दीपक चौधरी उर्फ आशु कुमार (गाजीपुर, यूपी), सुधांशु कुमार (दरभंगा) और साहिल कुमार (मुजफ्फरपुर) को भी पकड़ा गया। सभी के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड और टेलीग्राम आईडी का इस्तेमाल कर डेटा इकट्ठा करते थे। इसके बाद टेलीग्राम बॉट, एपीआई और ओएसआईएनटी टूल्स के जरिए यह संवेदनशील जानकारी विदेशी अपराधियों को बेची जाती थी। आरोपियों के डिवाइस में कई संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप और चैनलों के संचालन के प्रमाण मिले हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और एक आईपैड जब्त किया गया है। पुलिस को इनके बैंक खातों में करीब चार लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन के साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्हें फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही, विदेशी गिरोहों के साथ डेटा खरीद-बिक्री से जुड़ी बातचीत भी सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
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