पटना , अक्टूबर 05 -- िहार में दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की तर्ज पर विश्वस्तरीय बस टर्मिनल बनाने की योजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। इस संबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में नौ जिलों के बस डिपो के डिजाइन को मंजूरी दे दी गई है।

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार, जिन नौ स्थानों के डिजाइन को हरी झंडी मिली है, उनमें मुजफ्फरपुर, गया, बिहारशरीफ, राजगीर, दरभंगा, पूर्णिया, मोतिहारी, तारापुर और मुंगेर जिले शामिल हैं। मंजूरी के बाद अब जल्द ही आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन नए बस टर्मिनलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल डिस्प्ले सूचना प्रणाली, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त पार्किंग, यात्री सहायता केंद्र, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, एटीएम, दीदी की रसोई और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी व्यवस्थाएं होंगी।

निगम ने बताया कि प्रस्तावित पांच मंजिला टर्मिनलों के ग्राउंड फ्लोर पर बसों की पार्किंग और वर्कशॉप की व्यवस्था होगी, जबकि ऊपरी तलों पर निगम का कार्यालय, कैफेटेरिया, दुकानें, एसी एवं नॉन एसी वेटिंग रूम, बस चालकों और संवाहकों के लिए डॉर्मेटरी, गेस्ट रूम, महिला फीडिंग रूम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएंगे।

राज्य के 31 महत्वपूर्ण शहरों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए चिन्हित किया है, जिनमें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर, जमुई, नवादा, सहरसा, पालीगंज, लहेरियासराय, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, छपरा, सुल्तानगंज, नौबतपुर, बरबीघा, मोकामा, चकाई, सीतामढ़ी, बिहारशरीफ, औरंगाबाद, आरा, जहानाबाद, संग्रामपुर, तारापुर और राजगीर शामिल हैं।

इस परियोजना में निगम जमीन उपलब्ध कराएगा और निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी निजी भागीदार की होगी। इन टर्मिनलों को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न सिर्फ यात्रा अनुभव बेहतर होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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