पटना , जून 16 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 'राष्ट्रीय पंचायत दिवस' तथा 'पंचायत विकास दिवस' के भव्य, पारदर्शी एवं उद्देश्यपूर्ण आयोजन की रूपरेखा तैयार करना तथा राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना रहा।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दोनों महत्वपूर्ण दिवसों से जुड़ी प्रस्तुतीकरण की गहन समीक्षा की और ग्रामीण विकास तथा जमीनी स्तर पर सुशासन को बढ़ावा देने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस एवं पंचायत विकास दिवस के अवसर पर राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष 'ग्राम सभा' का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इन आयोजनों का मूल केंद्र बिंदु 'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' और 'विकसित भारत @ 2047' के लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर पूरा करना होना चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे- मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना, सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल तथा पक्की नाली-गली योजना) की प्रगति की स्वयं निगरानी करें।

मुख्य सचिव ने पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल और डिजिटल ऑडिट की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से ही ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है।

बैठक में पंचायती राज विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंचायतों के सुदृढ़ीकरण से जुड़े जितने भी प्रस्ताव या विकास कार्य लंबित हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

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