पटना , जनवरी 21 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य में क्रियान्वित 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में विशेष रूप से रेल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।बैठक के दौरान योजना एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने रेलवे की कुछ परियोजनाओं की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित संबंधित जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करें। विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को दूर करने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) निर्गत करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं में आ रही बाधाओं के त्वरित निष्पादन हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए, जिससे वन मंजूरी आदि के कारण कार्य बाधित न हो।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई संवेदक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं कर रहा है या जानबूझकर विलंब कर रहा है, तो आवश्यकतानुसार उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा कर आम जनता को समर्पित करना है।
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