रायपुर , अगस्त 18 -- छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित आठ अधिक दुर्घटना वाले जिलों में हादसों के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही डिजाइन संबंधी खामियों को दूर करने और ब्लैक स्पॉट्स में समयबद्ध सुधार पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए जा रहे सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।
बैठक में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और बस्तर जिलों को सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से विशेष फोकस में रखते हुए हादसों के कारणों का विश्लेषण करने और उनके आधार पर प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा गया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुधार करने तथा सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का विश्लेषण करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने कहा कि दुर्घटना होने के बाद सड़क की खामियां सुधारने के बजाय निर्माण से पहले ही सड़क की डिजाइन को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सही बनाया जाना चाहिए।
बैठक में दुर्घटना में घायल लोगों का इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सुनिश्चित करने, 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त निगरानी तथा ट्रामा सेंटरों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों को शीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि देने को भी कहा गया।
सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने और अधिक से अधिक युवाओं को यातायात प्रबंधन एवं जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) प्रदीप गुप्ता के साथ लोक निर्माण, स्वास्थ्य, जनसंपर्क विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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