पटना , अप्रैल 20 -- िहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को 'राज्य पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना' 2026-27 की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अमृत ने विभागवार परियोजनाओं की प्रगति और केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित अनिवार्य शर्तों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की। इस योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग ने बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,00,000 करोड़ का आवंटन सभी राज्यों को किया गया है । इसके तहत राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उच्च मल्टीप्लायर प्रभाव वाले पूंजीगत कार्यों के माध्यम से अर्थव्यवस्था की भविष्य की उत्पादक क्षमता को मजबूत किया जा सके ।

मुख्य सचिव श्री अमृत ने निर्देश दिये कि सभी विभाग केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और 'ब्रांडिंग' नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें । उन्होंने निर्देश दिये कि 31 मार्च 2026 तक उपयोग की गई राशि का समेकित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी ) प्रपत्र 12-बी में पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से समय पर जमा किया जाए । साथ ही, सिंगल नोडल एजेंसी के बैंक खातों में जमा ब्याज की राशि को भारत की संचित निधि में जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया ।

बैठक में उपस्थित अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग ने योजना की प्रभावी निगरानी के लिये विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा बैठक वित्त विभाग के विशेष सचिव, मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। योजना की उच्च स्तरीय प्रगति की पाक्षिक समीक्षा स्वयं अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग द्वारा की जाएगी।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिये कि वे आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का चयन कर परियोजना प्रस्तावों को शीघ्र अंतिम रूप दें, जिससे राज्य को इस विशेष सहायता का अधिकतम लाभ मिल सके ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित