पटना , अप्रैल 20 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को जल संसाधन विभाग की ओर से संचालित मंडई वीयर एवं उससे निकलने वाली दायां और बायां मुख्य नहर प्रणाली तथा संबंधित संरचनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

232.83 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्य की गति और संसाधनों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा में पाया गया कि कई स्थलों पर आवश्यक मैनपावर और मशीनरी (जैसे एक्सकेवेटर, टिपर और लेबर) की संख्या उपलब्ध मानकों से कम है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि कार्य स्थल पर संसाधनों की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्य की गति बाधित न हो। उन्होंने हिदायत दी कि मानसून की शुरुआत से पहले नहर प्रणाली और संरचनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मिट्टी कार्य और लाइनिंग के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

जिन क्षेत्रों में मिट्टी की उपलब्धता की समस्या है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और परिवहन को सुगम बनाने का निर्देश दिया गया।मुख्य सचिव ने विभाग के वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से कार्य स्थल का निरीक्षण करें और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट साझा करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से एक बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, अतः इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है। निविदा प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों के जो भी मामले लंबित हैं, उन्हें तत्काल निष्पादित किया जाए।

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